विधा – कविता वाचन

प्राप्य उद्देश्यप्रारम्भिक बोध विकासोन्मुखी  न्यूनतम अधिगम स्तरउत्तरोतर विकास
विद्यार्थी कविता का वाचन की शुरुआत परिचय , सम्बोधन अभिवादन से कर सकेंगे|विद्यार्थी कविता का वाचन करते समय परिचय देना भूल जाते हैं|विद्यार्थी  कविता का वाचन की शुरुआती परिचय ,सम्बोधन करते हैं लेकिन अति संक्षेप में|विद्यार्थी कविता का वाचन की शुरुआती परिचय , श्रोतागण के सम्बोधन और अभिवादन के साथ करते हैं लेकिन जल्दबाजी स्पष्ट नज़र आती है|विद्यार्थी कविता का वाचन की शुरुआती परिचय , सम्बोधन अभिवादनहैं| कविता ,कवि के विषय में जानकारी भी देते हैं|
विद्यार्थी उचित लय , उच्चारण, विराम के साथ प्रवाहपूर्ण कविता का वाचन कर सकेंगे|विद्यार्थी कविता का वाचन करते समय उच्चारण और विराम का ध्यान रखते हैं लेकिन कविता का पठन करते हैं|विद्यार्थी कविता का वाचन करते समय उच्चारण, विराम के साथ लय अनुरूप वचन करने का प्रयास करते हैं|विद्यार्थी कविता का वाचन करते समय उच्चारण, विराम के साथ लय अनुरूप वचन करते हैं लेकिन धारा प्रवाह नहीं|विद्यार्थी कविता का वाचन करते समय उच्चारण, विराम के साथ लय अनुरूप प्रवाहपूर्ण कविता का वाचन कर सकते हैं|
विद्यार्थी कविता का वाचन भाव मुद्रा के अनुसार कर सकेंगे|विद्यार्थी कविता का वाचन भाव मुद्रा पर ध्यान न देते हुए करते हैं| बीच-बीच में अटक जाते हैं|विद्यार्थी कविता का वाचन भाव मुद्रा के अनुसार करने का प्रयास करते हैं लेकिन  आत्मविश्वास की कमी स्पष्ट नज़र आती है|विद्यार्थी कविता का वाचन करते समय शुरूआती भावों की समझ बना सकते हैं लेकिन श्रोताओं से दृष्टि द्वारा जुड़ नहीं पाते| आत्मविश्वास परिपूर्ण रखते हैं|विद्यार्थी कविता के भावों की गहराई को समझ कर भाव मुद्रा के अनुसार कर वाचन करते हैं| साथ ही श्रोता सहभागिता बना सकते हैं
विद्यार्थी कविता के संदेश को बता सकेंगे|कविता का संदेश बताने का प्रयास करते हैं|कविता की विषय-वस्तु के अनुसार संदेश बताते हैं|कविता के संदेश विषय-वस्तु की समझ बनाते हुए गहराई से बताते हैं|कविता का संदेश शीर्षक और विषय-वस्तु की समझ बनाते हुए बताते हैं और उदाहरण का समावेश भी संदेश में करते हैं|